Delhi Varanasi Bullet Train: भारत में हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स तेजी पकड़ रहे हैं और अब सबसे ज्यादा चर्चा दिल्ली–वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर है. नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इस रूट के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रही है. योजना यह है कि दिल्ली से वाराणसी तक की यात्रा, जो अभी ट्रेन से करीब 12–14 घंटे में होती है, उसे बुलेट ट्रेन के जरिए सिर्फ 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.

Delhi Varanasi Bullet Train: रूट और संभावित स्टॉपेज
इस प्रोजेक्ट का प्रस्तावित रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, आगरा, लखनऊ और प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक पहुंचेगा. कुल लंबाई लगभग 800 किलोमीटर के आसपास अनुमानित है. बीच के शहरों में स्टॉपेज मिलने से यह केवल दिल्ली और वाराणसी को ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बदल देगा. खासकर पर्यटन, शिक्षा और उद्योग से जुड़े इलाकों को इसका बड़ा लाभ होगा.
तेज रफ्तार और आधुनिक तकनीक
बुलेट ट्रेन की स्पीड 300–320 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी. इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि यात्रियों को पूरी तरह आरामदायक सफर भी मिलेगा. ट्रेन के कोच जापानी शिंकानसेन टेक्नोलॉजी से इंस्पायर होकर बनाए जाएंगे, जिसमें सेफ्टी, लग्ज़री और स्मूद ट्रैवल का पूरा ख्याल रखा जाएगा.
क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट सिर्फ यात्रा समय घटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे दिल्ली–वाराणसी कॉरिडोर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. छोटे-बड़े शहरों को कनेक्ट करने से पर्यटन को नया बूस्ट मिलेगा. वाराणसी धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से पहले से ही अंतरराष्ट्रीय आकर्षण है, और अब दिल्ली से सीधा तेज़ कनेक्शन इसे और खास बना देगा.
लागत और आगे की राह
अभी DPR स्टडी पर काम चल रहा है, जिसके पूरा होने के बाद लागत, फंडिंग मॉडल और निर्माण की टाइमलाइन तय होगी. अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट की लागत लाखों करोड़ रुपये में होगी और इसे जापानी टेक्नोलॉजी और भारतीय इंजीनियरिंग सहयोग से बनाया जाएगा. सरकार का मकसद है कि आने वाले वर्षों में यह प्रोजेक्ट न सिर्फ दिल्ली और वाराणसी बल्कि पूरे उत्तर भारत की तस्वीर बदल दे.