Delhi Meerut RRTS: दिल्ली–मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) ने ट्रायल रन में शानदार सफलता हासिल की है. इस हाई-स्पीड ट्रेन ने निर्धारित ट्रैक पर बिना किसी रुकावट के संचालन करके अपने बेहतरीन प्रदर्शन का सबूत दिया. इससे यह साफ हो गया है कि जल्द ही यात्रियों को दिल्ली से मेरठ तक की यात्रा रिकॉर्ड समय में करने का मौका मिलेगा.

Delhi Meerut RRTS: 15 मिनट का तेज सफर
जहां अभी दिल्ली से मेरठ पहुंचने में घंटों लग जाते हैं, वहीं RRTS के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा हो सकेगा. 160–180 km/h की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन यात्रियों का कीमती समय बचाने के साथ-साथ उन्हें आरामदायक और सुरक्षित सफर भी देगी.
आधुनिक सुविधाओं से लैस
RRTS ट्रेन का डिजाइन पूरी तरह से आधुनिक है. इसमें विस्तृत लेगरूम, आरामदायक सीटिंग, एयर कंडीशनिंग, ऑटोमैटिक दरवाजे और लगेज स्पेस जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए एडवांस सिग्नलिंग सिस्टम और CCTV कैमरे लगाए गए हैं. ट्रेन में महिला यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से सीटिंग की व्यवस्था भी होगी.
NCR के लिए वरदान
दिल्ली–मेरठ RRTS न सिर्फ यात्रा को तेज बनाएगा बल्कि NCR क्षेत्र की कनेक्टिविटी में भी क्रांति लाएगा. इससे दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच यातायात जाम में कमी आएगी और प्रदूषण स्तर भी घटेगा. यह प्रोजेक्ट आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा क्योंकि उद्योगों और रोजगार के अवसरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा.
लागत और संचालन
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की लागत करीब ₹30,000 करोड़ बताई जा रही है. NCRTC (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) इसकी देखरेख कर रहा है और आने वाले महीनों में इसे यात्रियों के लिए शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक इस कॉरिडोर पर आम जनता सफर कर सके.